करनाल में सात अगस्त से सफाई कर्मचारी हड़ताल पर, 260 टन से ज्यादा कचरा सड़कों पर पसरा; बरसात के मौसम में बीमारी फैलने का खतरा
करनाल। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का असर अब शहर की सफाई व्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है। स्वच्छता के मामले में बेहतर पहचान रखने वाले करनाल शहर में इन दिनों सड़कों, गलियों और बाजारों में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं। कूड़े से उठ रही बदबू के कारण लोगों और दुकानदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रोज उठता था 20 से 25 टन कचरा
नगर निगम के सर्वे के अनुसार शहर की सड़कों से रोजाना करीब 20 से 25 टन कचरा उठाया जाता था। सफाई कर्मचारियों के सात अगस्त से हड़ताल पर जाने के बाद कचरा उठाने का काम प्रभावित हो गया। ऐसे में अब तक 260 टन से ज्यादा कचरा शहर की सड़कों और बाजारों में जमा होने का दावा किया जा रहा है।
शहर की ऐसी कोई प्रमुख सड़क या गली नहीं बची है, जहां इन दिनों गंदगी नजर न आ रही हो। कई स्थानों पर कचरे के ढेर बढ़ते जा रहे हैं और दुर्गंध के कारण आसपास के लोगों को परेशानी हो रही है।
इन इलाकों में सबसे ज्यादा खराब हालात
शहर के पुरानी सब्जी मंडी क्षेत्र, कुंजपुरा रोड, मुगल कैनाल, गुड़ मंडी और कर्णगेट मार्केट समेत कई बाजारों और गलियों में हालात ज्यादा खराब बताए जा रहे हैं।
सफाई और झाड़ू न लगने के कारण सड़कों पर धूल भी जमा हो गई है। लोगों और वाहनों की आवाजाही के दौरान धूल के गुबार उठ रहे हैं, जिससे बाजारों में आने-जाने वाले लोगों को परेशानी हो रही है।
पक्की नौकरी की मांग को लेकर हड़ताल
सफाई कर्मचारी सात अगस्त से हड़ताल पर हैं। संविदा पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों को नियमित करने की मांग को लेकर नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं में काम करने वाले कर्मचारियों ने काम बंद किया है। कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है।
शहरवासियों ने की वैकल्पिक सफाई व्यवस्था की मांग
शहरवासियों खुशनीत, रजत, बलदेव, तिलक, गगनदीप, आकाशदीप, विजय, रमन और रवि का कहना है कि कर्मचारियों की हड़ताल के बीच सरकार और नगर निगम को सफाई की वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए।
उनका कहना है कि जगह-जगह कूड़े के ढेर लगने से शहर की स्थिति खराब होती जा रही है। अभी बरसात का मौसम है, ऐसे में लंबे समय तक जमा कचरे से बीमारियां फैलने का खतरा भी बढ़ सकता है। लोगों ने नगर निगम से जल्द से जल्द सफाई व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।

