करनाल: इंद्री रोड स्थित घंटाकर्ण महावीर तीर्थस्थान पर मंगलवार को श्री घंटाकर्ण महावीर देवता के विशेष कृपा दिवस कृष्ण चौदस के अवसर पर धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान तीर्थस्थान पर भक्ति और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने सामूहिक जाप और भजनों के माध्यम से घंटाकर्ण महावीर का गुणगान किया तथा लोकमंगल और सर्वकल्याण की कामना की।
सामूहिक बीजमंत्र जाप से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
धार्मिक कार्यक्रम की शुरुआत घंटाकर्ण बीजमंत्र के सामूहिक जाप से हुई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक मंत्र जाप में भाग लिया। इसके बाद भजन संध्या का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने भक्तिमय प्रस्तुतियों का आनंद लिया।
कार्यक्रम में अनिता जैन, आंचल जैन, निशा जैन, जयपाल सिंह, प्रवीण जैन और सरिता जैन ने भजनों की प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
निष्काम भक्ति को बताया परमात्मा की कृपा का माध्यम
इस अवसर पर प्रमिला महाराज ने श्रद्धालुओं को निष्काम भक्ति का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि निष्काम भाव से की गई भक्ति परमात्मा की कृपा प्राप्त करने का सर्वोत्तम माध्यम है। दैवी शक्ति अपनी सामर्थ्य से असंभव को भी संभव कर सकती है।
उन्होंने कहा कि श्री घंटाकर्ण महावीर कृपानिधान एवं भक्तों पर वात्सल्य बरसाने वाले देवता हैं। श्रद्धा और विश्वास के साथ उनकी उपासना करने वाले भक्तों पर विपत्तियों का प्रभाव नहीं पड़ता।
52 वीरों में तीसरे वीर शिरोमणि हैं घंटाकर्ण महावीर
प्रमिला महाराज ने बताया कि घंटाकर्ण महावीर 52 वीरों में तीसवें वीर शिरोमणि माने जाते हैं। उन्होंने कहा कि घंटाकर्ण महावीर की आराधना विभिन्न धार्मिक परंपराओं में श्रद्धा के साथ की जाती है और उन्हें जैन, हिंदू एवं बौद्ध परंपराओं में विशेष रूप से पूजनीय माना जाता है।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया और श्री घंटाकर्ण महावीर से परिवार, समाज तथा समस्त मानवता के सुख, शांति एवं कल्याण की प्रार्थना की।

