500 से 700 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा, स्वास्थ्य-पुलिस एवं नारकोटिक्स विभाग ने बताए नशे से बचाव के उपाय
करनाल, 14 अगस्त 2026। नशामुक्त समाज के निर्माण तथा आमजन एवं विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों और नशामुक्ति उपचार के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से गांव भादसो में दो मेगा कैंपों का आयोजन किया गया। इनमें विद्यार्थियों के साथ-साथ आसपास के गांवों के बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने हिस्सा लिया।
स्कूल में आयोजित कैंप में विद्यार्थियों को किया जागरूक
पहला मेगा कैंप राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, भादसो में आयोजित किया गया। इसमें करीब 500 से 700 विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यार्थियों को नशे से होने वाली स्वास्थ्य एवं सामाजिक समस्याओं के बारे में जानकारी दी गई।
उन्हें बताया गया कि उचित उपचार, परामर्श और चिकित्सकीय सहायता के माध्यम से नशे की लत से छुटकारा पाया जा सकता है। विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
चार गांवों के ग्रामीणों ने लिया हिस्सा
दूसरा मेगा कैंप ग्राम सचिवालय, भादसो में आयोजित किया गया। इसमें भादसो के अलावा स्वर्ण माजरा, उड़ाना और हैबतपुर गांवों के बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।
स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग और नारकोटिक्स विभाग के प्रतिनिधियों ने ग्रामीणों को नशामुक्ति के संबंध में जागरूक किया। विशेषज्ञों ने लोगों को नशे की लत से छुटकारा पाने के लिए उचित उपचार और चिकित्सकीय सहायता लेने का संदेश दिया।
अधिकारियों ने बताए नशे से बचाव के उपाय
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग से हर्ष वत्स तथा पुलिस विभाग से सहायक उप निरीक्षक जगमाल ने मुख्य वक्ता के रूप में लोगों को नशे के दुष्प्रभावों, इससे होने वाली स्वास्थ्य एवं सामाजिक समस्याओं और बचाव के उपायों की जानकारी दी। कार्यक्रम में गुड गवर्नेंस ऑफिसर श्रुति मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
लघु नाटिका के जरिए दिया नशामुक्ति का संदेश
कार्यक्रम के दौरान ब्रह्माकुमारी संस्था की ओर से नशामुक्ति और सामाजिक जागरूकता पर आधारित प्रभावशाली लघु नाटिका प्रस्तुत की गई। नाटिका के माध्यम से नशे के दुष्प्रभाव और नशा छोड़ने के महत्व को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिसे उपस्थित लोगों ने खूब सराहा।
मेगा कैंप के माध्यम से विद्यार्थियों और ग्रामीणों को नशे के खिलाफ जागरूक करते हुए नशामुक्त समाज के निर्माण में सामूहिक भागीदारी का संदेश दिया गया। लोगों को बताया गया कि सही समय पर उपचार, परिवार का सहयोग और समाज की जागरूकता से नशे की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है।

