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ममता ने इंटरनैशनल कोर्ट की बात कर भारत की ज्यूडीशियरी का अपमान किया:

पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट में इस समय साढे छह लाख कैस लंवित

नए वकीलों को पांच साल तक भत्ता मिलना चाहिए

हरियाणा सरकार के पूर्व सहायक महाधिवक्ता तथा देश के जाने माने एडवोकेट राजकुमार शर्मा ने कहा कि पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट में इस समय साढे छह लाख कैस लंवित हैं। हाई कोर्ट में न्यायाधीशोंं की कमी हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा को अलग हाई कोर्ट मिला चाहिए। देर से मिला न्याय अन्याय के समान होता हैं। एक कहाबत प्रचलित हैं कि दादा कैस करता है न्याय पौते को मिलता हैं। उन्होंने कहा कि देश को इस समय सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत शर्मा से काफी अपेक्षाएं हैं। वह आने वाले समय में न्यायिक सुधार के लिए जाने जाएंगे। उन्होंने बातचीत में बताया कि देश के मुख्य न्यायाधीश हरियाणा से हैं। इस लिए हरियाणा का उन पर अधिकार हैं। वह यदि पद पर रहते हुए हाियाणा को प्रथम हाईकोर्ट दिलवा दें तो उनका हरियाणा पर बड़ा अहसान होगा। उन्होंने एक सवाल के जबाब में बताया कि पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता वैनर्जी इंटरनैशनल कोर्ट में नहीं जा सकती हैं। यदि उन्हें श्किायत हैं तो वह देश के न्यायालयों में जाएं। इंटरनैशनल कोर्ट में जाने की बात कर उन्होंने भारत की न्याय व्यवस्था का अपमान किया हैं। उन्होंने कहा कि आज देश की सरकार को नए वकीलों के लिए सहायता देना चाहिए। नए वकीलों को पांच साल तक भत्ता मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि नए वकीलों को व्यवहारिक ज्ञान के लिए कोर्ट स्तर पर व्यवस्था होना चाहिए। इससे न्याय व्यवस्था में सुधार आएगा। उन्होंने पत्रकारों की दयनीय हालत पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पत्रकारों का पंजीयन होना चाहिए। इसके अलावा पत्रकारों के लिए योग्यता तय होना चाहिए। सरकार यह सुनिश्चित करे कि पत्रकारों को उनका सम्मानजनक मानदेय मिले। उन्होंने कहा कि सरकार की उदासीनता के कारण लोकतंत्र का चोथा स्तंभ कमजोर हो रहा । यह लोकतंत्र के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं। 

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