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महान स्वतंत्रता सेनानी एवं शहीद ऊधम सिंह के शहीदी दिवस की पूर्व संध्या पर 598वाँ स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित

रक्त का कोई विकल्प नहीं, प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति नियमित रूप से रक्तदान करे — कुलदीप सिंह

महान स्वतंत्रता सेनानी एवं शहीद ऊधम सिंह के शहीदी दिवस की पूर्व संध्या पर हरियाणा राज्य परिवहन, करनाल के बस अड्डा परिसर में 598वाँ स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। शिविर का शुभारंभ हरियाणा राज्य परिवहन, करनाल के महाप्रबंधक श्री कुलदीप सिंह ने रक्तदाताओं को बैज लगाकर किया। उन्होंने सभी रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है, इसलिए प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करना चाहिए। राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित, राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता, डायमंड रक्तदाता एवं पर्यावरण प्रहरी हरियाणा पुलिस के उपनिरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा के संयोजन में आयोजित इस शिविर में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त सहायक कुलसचिव श्री दविन्द्र सचदेवा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी श्री चरंजी लाल वर्मा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी की ओर से श्री राजपाल भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। नागरिक अस्पताल करनाल के क्षेत्रीय रक्त संचरण अधिकारी डॉ. संजय वर्मा के नेतृत्व में चिकित्सकीय दल ने रक्त संग्रह किया। शिविर में कुल 40 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया।

रक्तदाताओं में सागर पाल, सुरेन्द्र, साहिल, रवि, राजबीर सिंह, नवीन, परमजीत सिंह, कमल, पंकज, सोनू, पवन, अमित यादव, अनुराग, अमित, विनय, राहुल कुमार, राम कुमार, रवि कुमार, भानु, ललित, अजय कुमार, अंकित, शेखर कुमार, विनीत, विजय कुमार, पंकज, अमन, राहुल कुमार, राम कुमार, अमित, विनोद कुमार, कुशल, रोहित कुमार, ऋषभ कुमार, सतवंत सिंह, धर्मवीर, विकास कुमार, पंकज, नरेश कुमार तथा मनजीत सहित अनेक युवाओं ने स्वैच्छिक रक्तदान किया। डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि वे अब तक 184 बार स्वैच्छिक रक्तदान, 90 बार प्लेटलेट्स दान तथा 1 बार प्लाज़्मा दान कर चुके हैं। उनके मार्गदर्शन में आयोजित 598 स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों के माध्यम से सरकारी रक्तकोषों को 21,306 यूनिट रक्त उपलब्ध कराया जा चुका है, जिससे 63,918 मरीजों को जीवनदान मिला है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नशे की सुई से दूर रहकर रक्तदान की सुई को अपनाएं और जरूरतमंद मरीजों का जीवन बचाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। कार्यक्रम के समापन पर सभी रक्तदाताओं को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

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