करनाल। रक्षाबंधन के पर्व पर शुक्रवार को करनाल जेल में भावुक पल देखने को मिले। सलाखों के पीछे बंद भाइयों से मिलने के लिए 400 से ज्यादा बहनें जेल पहुंचीं। मुख्यालय के निर्देश पर भाई-बहनों की विशेष मुलाकात करवाई गई। सुबह करीब साढ़े सात बजे शुरू हुई मुलाकात शाम करीब सात बजे तक जारी रही।
आठ काउंटर पर हुई भाई-बहनों की मुलाकात
जेल में भाई-बहनों की मुलाकात के लिए आठ अलग-अलग काउंटर बनाए गए थे। बहनों ने इन काउंटरों पर अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और उन्हें मिठाई खिलाई।
भाई की कलाई पर राखी बांधते समय कई बहनों की आंखों से आंसू छलक पड़े। लंबे समय बाद भाई को सामने देखकर जहां चेहरों पर खुशी दिखाई दी, वहीं राखी बांधने के दौरान भावनाएं भी उमड़ पड़ीं।
भाई को देखते ही भर आईं बहनों की आंखें
कई बहनों के लिए यह मुलाकात बेहद भावुक रही। भाई सामने आया तो चेहरे पर मुस्कान आई, लेकिन राखी बांधते समय आंखें नम हो गईं। कुछ बहनों ने अपने भाइयों से जेल से बाहर आने के बाद नई शुरुआत करने और परिवार की जिम्मेदारियां संभालने की उम्मीद जताई।
भाइयों ने भी बहनों को भरोसा दिलाया कि वे भविष्य में अपने जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास करेंगे।
सुबह से ही जेल पहुंचने लगीं बहनें
रक्षाबंधन पर सुबह से ही जेल परिसर में बहनों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। दूर-दराज से आई कई महिलाएं अपने साथ बच्चों को भी लेकर पहुंचीं। किसी के हाथ में राखी थी तो किसी के हाथ में भाई के लिए मिठाई।
बड़ी संख्या में महिलाओं के जेल पहुंचने को देखते हुए जेल परिसर के आसपास सुरक्षा और व्यवस्था कड़ी रखी गई।
पुलिस प्रशासन ने कराया राखी और मिठाई का इंतजाम
इस बार रक्षाबंधन पर खास बात यह रही कि राखी और मिठाई का इंतजाम पुलिस प्रशासन की ओर से कराया गया था। जेल में आने वाले परिजनों की सुविधा के लिए बाहर कढ़ी-चावल का लंगर भी लगाया गया।
शाम तक करीब 400 बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी। रक्षाबंधन का यह आयोजन भाई-बहन के रिश्ते की भावनात्मक तस्वीर पेश कर गया।

