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हरियाणा चालक प्रशिक्षण संस्थान में नशे के विरुद्ध 283 वां जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

डॉ. अशोक कुमार वर्मा बोले— चालक के लिए नींद, क्रोध और नशा तीन सबसे बड़े घातक

हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री संजय कुमार, आईपीएस के दिशा-निर्देशों तथा संयुक्त पुलिस आयुक्त, फरीदाबाद एवं ब्यूरो के पुलिस उप-महानिरीक्षक श्री राजेंद्र कुमार मीणा, आईपीएस के मार्गदर्शन में प्रदेशभर में चलाए जा रहे नशा मुक्ति जन-जागरूकता अभियान के अंतर्गत चालक प्रशिक्षण संस्थान, करनाल में नशे के विरुद्ध 283वां जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम चालक प्रशिक्षण संस्थान के प्रभारी नरेश शर्मा के नेतृत्व में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी उप निरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, करनाल के सचिव कुलबीर सिंह मलिक के मार्गदर्शन में राजपाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। अपने संबोधन में डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल यातायात नियमों का विषय नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के जीवन की सुरक्षा से जुड़ा सामाजिक दायित्व है।

एक चालक केवल वाहन नहीं चलाता, बल्कि अपने साथ-साथ सड़क पर चल रहे अनेक लोगों के जीवन की जिम्मेदारी भी निभाता है। इसलिए चालक का सजग, अनुशासित और जिम्मेदार होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक चालक को वाहन चलाते समय तीन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए— पहला नींद, दूसरा क्रोध और तीसरा नशा। यदि चालक को नींद आ रही हो, वह क्रोध की स्थिति में हो अथवा किसी भी प्रकार के नशे के प्रभाव में हो, तो उसे कभी भी वाहन नहीं चलाना चाहिए। इन तीन कारणों से होने वाली छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी सड़क दुर्घटना का कारण बन सकती है और कई परिवारों की खुशियां पलभर में उजड़ सकती हैं। डॉ. वर्मा ने कहा कि नशा व्यक्ति की निर्णय क्षमता, एकाग्रता, संतुलन और त्वरित प्रतिक्रिया की क्षमता को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। नशे की हालत में वाहन चलाना स्वयं के साथ-साथ अन्य लोगों के जीवन को भी खतरे में डालना है। उन्होंने प्रशिक्षु चालकों से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज को भी नशा मुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने बताया कि हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो पूरे प्रदेश में लगातार जन-जागरूकता अभियान चलाकर युवाओं, विद्यार्थियों, चालकों तथा आमजन को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक कर रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए केवल कानून बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक चालक का अनुशासन, धैर्य और नैतिक दायित्व भी उतना ही महत्वपूर्ण है। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करना, निर्धारित गति सीमा का पालन करना, सीट बेल्ट एवं हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करना तथा नशा मुक्त रहना सुरक्षित यात्रा की सबसे बड़ी गारंटी है। कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षु चालकों ने नशा न करने, यातायात नियमों का पालन करने तथा समाज में नशा मुक्ति का संदेश प्रसारित करने की शपथ भी ली।

अंत में चालक प्रशिक्षण संस्थान के प्रभारी नरेश शर्मा ने सभी अतिथियों का धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम प्रशिक्षु चालकों में जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के साथ-साथ सुरक्षित एवं नशा मुक्त समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने का विश्वास दिलाया। हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने आमजन से अपील की कि यदि कहीं भी नशे की बिक्री, तस्करी अथवा सेवन से संबंधित कोई सूचना मिले तो राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन 1933 अथवा 90508-91508 पर तत्काल सूचना दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाती है।

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