करनाल। बीरू वाल्मीकि हत्याकांड के बाद हुए हर्ष एनकाउंटर को लेकर रोड समाज का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। एनकाउंटर की न्यायिक जांच और मामले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर रोड समाज के प्रतिनिधि आज चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात करेंगे। बैठक दोपहर करीब 3 बजे प्रस्तावित है।
इसके साथ ही करनाल विधायक जगमोहन आनंद की कथित बयानबाजी को लेकर भी समाज में नाराजगी है। रोड समाज के लोगों ने विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है और उनके निवास के बाहर भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी है।
एनकाउंटर की सीबीआई जांच की मांग
अखिल भारतीय रोड महासभा के प्रधान मनोज कुमार के अनुसार, हर्ष के एनकाउंटर को लेकर समाज की ओर से करनाल में दो पंचायतें आयोजित की जा चुकी हैं। पहली पंचायत 9 अगस्त को हर्ष के गांव काला माजरा में हुई थी। इसमें एनकाउंटर की सीबीआई से जांच करवाने की मांग को लेकर निर्णय लिया गया।
इसके बाद 10 अगस्त को करनाल की रोड धर्मशाला में दूसरी पंचायत हुई। इसमें कुरुक्षेत्र में प्रदेश स्तर की महापंचायत आयोजित करने का फैसला लिया गया। समाज का कहना है कि एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और पूरे मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए।
विधायक के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग
कुरुक्षेत्र में हुई रोड समाज की महापंचायत के दौरान करनाल विधायक जगमोहन आनंद की बयानबाजी को लेकर भी लोगों में नाराजगी देखने को मिली। समाज के कुछ लोगों ने घोषणा की कि वीरवार सुबह 10 बजे से विधायक के निवास के बाहर भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।
समाज की मांग है कि विधायक के खिलाफ कार्रवाई की जाए। कुछ लोगों ने विधायक को बर्खास्त करने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि जब तक सरकार की ओर से इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।
विधायक जगमोहन आनंद ने दी सफाई
करनाल विधायक जगमोहन आनंद ने कहा कि वह सभी 36 बिरादरियों का सम्मान करते हैं और सभी के लिए काम करते हैं। उनके मुताबिक, बीरू की हत्या के बाद पीड़ित परिवार के बीच जाना शहर के जनप्रतिनिधि होने के नाते उनका फर्ज था।
विधायक ने कहा कि उस समय यह जानकारी नहीं थी कि हत्या के आरोपी किस बिरादरी से संबंधित हैं। उन्होंने कहा कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती और उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनके समाज या किसी अन्य बिरादरी से कोई व्यक्ति आपराधिक गतिविधि में शामिल होता है, तो वह उसका समर्थन नहीं करेंगे। उनके अनुसार, कानून अपना काम करेगा और किसी भी मामले में कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत ही होनी चाहिए।
5 अगस्त की रात हुई थी बीरू की हत्या
बीरू वाल्मीकि की 5 अगस्त की रात हांसी रोड पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस के अनुसार, वारदात को दो बदमाशों ने अंजाम दिया था और इसके बाद वे फरार हो गए।
पुलिस जांच में हर्ष और बीरबल को इस हत्याकांड में शामिल शूटर बताया गया। घटना के बाद बीरू के परिजनों और वाल्मीकि समाज में आक्रोश फैल गया था। 6 अगस्त को बीरू की पत्नी आरोपियों की गिरफ्तारी और कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क पर बैठ गई थीं। इसके बाद प्रदर्शन और सड़क जाम भी किया गया था।
पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान हर्ष और बीरबल की पुलिस के साथ मुठभेड़ हुई, जिसमें दोनों की मौत हो गई।
हर्ष और बीरबल पर दर्ज थे आपराधिक मामले
मुठभेड़ में मारे गए आरोपियों की पहचान नीलोखेड़ी के काला माजरा निवासी 24 वर्षीय हर्ष और कैथल के मटरवा खेड़ी निवासी 29 वर्षीय बीरबल के रूप में हुई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, बीरबल के खिलाफ 22 और हर्ष के खिलाफ दो आपराधिक मामले दर्ज थे।
अब रोड समाज की नजर मुख्यमंत्री के साथ होने वाली बैठक पर है। समाज की ओर से एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच, विधायक के खिलाफ कार्रवाई और अन्य मांगें मुख्यमंत्री के सामने रखी जाएंगी। बैठक के बाद समाज की ओर से आगे की रणनीति तय किए जाने की संभावना है।

