करनाल।
करनाल के सेवा भारती आश्रम में युवतियों को डिजिटल मार्केटिंग प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल की गई। छह सप्ताह तक चलने वाले उद्यमिता विकास कौशल कार्यक्रम के अंतर्गत सिलाई केंद्र से जुड़ी युवतियों को यह सिखाया गया कि वे अपने हुनर को केवल स्थानीय बाजार तक सीमित न रखें, बल्कि उसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से देशभर तक पहुंचाएं।
इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य युवतियों को रोजगार देने के साथ-साथ उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ना है, ताकि वे अपने बनाए उत्पादों को स्वयं डिजिटल माध्यम से बेच सकें और आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।
सिलाई के साथ डिजिटल समझ जरूरी – डिजिटल मार्केटिंग प्रशिक्षण
सेवा भारती आश्रम में युवतियों को कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि आज के दौर में केवल सिलाई सीखना ही काफी नहीं है, बल्कि तैयार उत्पादों की सही मार्केटिंग भी उतनी ही जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए युवतियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म की बुनियादी जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण में यह समझाया गया कि किस प्रकार मोबाइल फोन और इंटरनेट के माध्यम से रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिक्री की ट्रेनिंग
प्रशिक्षक डॉ. आकाश और डॉ. गौरी ने युवतियों को डिजिटल मार्केटिंग प्रशिक्षण के व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि मीशो, अमेजॉन और फ्लिपकार्ट जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर अकाउंट बनाकर अपने उत्पाद कैसे अपलोड किए जाएं, ऑर्डर कैसे प्राप्त हों और ग्राहकों से संवाद कैसे किया जाए।
इसके साथ-साथ युवतियों को प्रोडक्ट की फोटो खींचने, विवरण लिखने, कीमत तय करने और ऑनलाइन भुगतान प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई।
एमएसएमई का सहयोग
एमएसएमई विभाग के निदेशक संजीव कौशल ने कहा कि महिलाओं और युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने बताया कि स्वरोजगार शुरू करने वाली महिलाओं को प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने में एमएसएमई हर संभव सहयोग दे रहा है।
प्रतिभागियों ने साझा किया अनुभव
प्रशिक्षण में शामिल युवतियों ने बताया कि पहले उन्हें अपने काम को बेचने के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब वे खुद अपने उत्पाद ऑनलाइन बेचने में सक्षम होंगी।
एक युवती ने कहा,
“अब हमें समझ आया कि हमारा काम सिर्फ सिलाई तक सीमित नहीं है, बल्कि उससे हम अपना खुद का व्यवसाय भी खड़ा कर सकते हैं।”
ग्रामीण क्षेत्र में डिजिटल बदलाव
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के डिजिटल मार्केटिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करते हैं। डिजिटल मार्केटिंग से जुड़ने के बाद महिलाएं सीधे ग्राहक तक पहुंच बना सकती हैं और अपनी आय बढ़ा सकती हैं।
सेवा भारती आश्रम की पहल
सेवा भारती आश्रम लंबे समय से समाज सेवा और कौशल विकास के क्षेत्र में सक्रिय है। आश्रम के पदाधिकारियों ने बताया कि आने वाले समय में डिजिटल भुगतान, ब्रांडिंग और ऑनलाइन प्रचार जैसे विषयों पर भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
आगे की तैयारी
एमएसएमई और सेवा भारती आश्रम मिलकर भविष्य में युवतियों को:
- ऑनलाइन ब्रांड रजिस्ट्रेशन
- पैकेजिंग व लेबलिंग
- सोशल मीडिया प्रमोशन
- डिजिटल पेमेंट सिस्टम
जैसी सुविधाओं से जोड़ने की योजना पर काम कर रहे हैं।

