अगर सफाई के टेंडर खत्म हो गए तो क्या घरौंडा की सड़कों पर कचरे के ढेर लग जाएंगे?
घरौंडा | KNL24
घरौंडा शहर की सफाई व्यवस्था आने वाले दिनों में बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है। नगर पालिका द्वारा सफाई के लिए लगाए गए दोनों टेंडर अपनी अवधि पूरी करने वाले हैं, ऐसे में यदि समय रहते नई प्रक्रिया लागू नहीं हुई तो शहर में कचरा उठान और सफाई कार्य प्रभावित होने की पूरी आशंका है।
नगर पालिका सूत्रों के अनुसार, अब तक सफाई कार्य के लिए हर साल नए सिरे से टेंडर किए जाते थे, लेकिन सरकार की नई नीति के तहत अब पांच साल की अवधि के लिए एक साथ टेंडर किए जाने की तैयारी है। इसी बदलाव के चलते नगर पालिकाओं को नई प्रक्रिया अपनाने में समय लग रहा है।
एक टेंडर खत्म, दूसरा अगले महीने होगा समाप्त
नगर पालिका घरौंडा में सफाई व्यवस्था के लिए कुल दो टेंडर चल रहे थे। इनमें से एक टेंडर की अवधि पहले ही समाप्त हो चुकी है, जबकि दूसरा टेंडर अगले महीने खत्म होने वाला है। दोनों टेंडर खत्म होने की स्थिति में घरौंडा शहर की डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था, बाजारों की सफाई और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता प्रभावित हो सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ इलाकों में पहले से ही सफाई व्यवस्था कमजोर नजर आ रही है और यदि टेंडर में देरी हुई तो हालात और बिगड़ सकते हैं।
चेयरमैन ने बुलाई आपात बैठक
सफाई टेंडर को लेकर बढ़ती चिंता के बीच शुक्रवार को नगर पालिका चेयरमैन हैप्पी लक गुप्ता ने अधिकारियों और पार्षदों की बैठक बुलाई। बैठक में नगर पालिका सचिव रवि प्रकाश शर्मा सहित कई पार्षद मौजूद रहे।
बैठक में साफ तौर पर यह बात सामने आई कि टेंडर प्रक्रिया पूरी न होने की स्थिति में शहर में सफाई बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन सकता है। पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों की समस्याएं रखते हुए जल्द समाधान की मांग की।
पार्षदों ने दिए सुझाव
बैठक के दौरान पार्षदों ने सुझाव दिया कि जब तक नया टेंडर लागू नहीं होता, तब तक वैकल्पिक या अस्थायी व्यवस्था पर विचार किया जाए, ताकि सफाई व्यवस्था पूरी तरह से न रुके। कुछ पार्षदों ने कहा कि बरसात के मौसम को देखते हुए सफाई में किसी भी तरह की लापरवाही जनता के स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है।
सरकार को भेजा जाएगा प्रस्ताव
चेयरमैन हैप्पी लक गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सफाई टेंडर से जुड़ी सभी औपचारिकताएं जल्द पूरी कर प्रस्ताव सरकार को भेजा जाए। इसके साथ ही करनाल जिला नगर निगम आयुक्त से मुलाकात कर टेंडर प्रक्रिया को जल्द लागू करवाने की मांग की जाएगी।
चेयरमैन ने कहा कि नगर पालिका की प्राथमिकता शहर की सफाई व्यवस्था है और इसमें किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी।
जनता में चिंता, प्रशासन पर नजर
सफाई टेंडरों की समाप्ति की खबर के बाद शहरवासियों में भी चिंता देखी जा रही है। नागरिकों का कहना है कि सफाई व्यवस्था सीधे स्वास्थ्य से जुड़ा मुद्दा है और इसमें किसी भी तरह की देरी बीमारियों को न्योता दे सकती है।
अब देखना होगा कि सरकार और जिला प्रशासन इस मामले में कितनी जल्दी निर्णय लेते हैं, ताकि घरौंडा की सफाई व्यवस्था पटरी पर बनी रहे।

