जिला पुलिस करनाल की साइबर थाना टीम ने ऑनलाइन टास्क के नाम पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई सहायक उप निरीक्षक मुकेश कुमार की अध्यक्षता में की गई। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 32,000 नकद तथा वारदात में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जसवंत पुत्र निहाल निवासी माजरा मरदान, गदरपुर, जिला ऊधम सिंह नगर (उत्तराखंड), लखविंदर पुत्र पाल सिंह निवासी गांव मचियागढ़, रामपुर तथा रवि कुमार पुत्र प्रेम दास निवासी गांव स्कैनिया, गदरपुर, जिला ऊधम सिंह नगर (उत्तराखंड) के रूप में हुई है। 

इस संबंध में अनुसंधान अधिकारी ने जानकारी देते हुए कहा कि थाना साइबर करनाल में अनुभव शुक्ला,करनाल की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने बताया कि 19 मई 2026 को उसे एक मोबाइल नंबर से डेली प्रॉफिट मेकर्स नामक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां ग्रुप एडमिन ने अपनी डीपी पर एक प्रसिद्ध ई-कॉमर्स कंपनी का लोगो लगाकर भरोसा जीतने का प्रयास किया।

शिकायतकर्ता को ऑनलाइन डेमो टास्क पूरे करने पर प्रति टास्क 200 रुपए कमाने का लालच दिया गया। इसके बाद उसे टेलीग्राम के माध्यम से संपर्क कर विभिन्न टास्क पूरे करने और अधिक मुनाफे का झांसा देकर अलग-अलग खातों में करीब 4 लाख रुपए जमा करवा लिए गए। बाद में जब शिकायतकर्ता को न तो उसका पैसा वापस मिला और न ही कोई लाभ, तब उसे अपने साथ साइबर ठगी होने का एहसास हुआ और उसने थाना साइबर करनाल में शिकायत दर्ज कराई। 

मामले की जांच के दौरान साइबर थाना की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंक लेनदेन का विश्लेषण करते हुए तीनों आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर तीनों आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

जिला पुलिस ने आमजन से अपील की है कि ऑनलाइन टास्क, पार्ट-टाइम जॉब, निवेश या अधिक मुनाफे का लालच देने वाले अनजान व्हाट्सएप, टेलीग्राम अथवा सोशल मीडिया ग्रुपों से सावधान रहें। किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर धनराशि ट्रांसफर न करें। यदि किसी के साथ साइबर ठगी होती है तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई कर धनराशि रिकवर कराई जा सके।