शिक्षक दिवस पर नागरिक अस्पताल में 607वां स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित

करनाल। शिक्षक दिवस के अवसर पर नागरिक अस्पताल, करनाल स्थित क्षेत्रीय रक्त संचरण केंद्र में 607वां स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। शिविर का आयोजन पुलिस बल के सर्वोच्च रक्तदाता एवं समाजसेवी डॉ. अशोक कुमार वर्मा द्वारा किया गया। क्षेत्रीय रक्त संचरण अधिकारी डॉ. संजय वर्मा के नेतृत्व में रक्त एकत्रित किया गया।

कार्यक्रम में डाइट शाहपुर के प्रोफेसर डॉ. ईश्वर सिंह तथा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र के सेवानिवृत्त सहायक कुलसचिव दविन्द्र सचदेवा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

शिक्षक ने खुद रक्तदान कर दिया सेवा का संदेश

शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित शिविर में मुख्य अतिथि डॉ. ईश्वर सिंह ने स्वयं रक्तदान किया। उन्होंने रक्तदान के माध्यम से समाज के प्रति जिम्मेदारी और सेवा भावना का संदेश दिया।

शिविर में सतपाल, बलविंद्र सिंह, सुखबीर, सोनू, राजेंद्र कुमार और अमीर खान सहित अन्य रक्तदाताओं ने भी स्वेच्छा से रक्तदान कर मानव सेवा में योगदान दिया।

‘रक्तदान महादान, किसी जरूरतमंद को दे सकता है नया जीवन’

डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने कहा कि शिक्षक समाज को केवल शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि विद्यार्थियों को संस्कार, अनुशासन, सेवा, कर्तव्य और मानवता का मार्ग भी दिखाते हैं। शिक्षक दिवस पर रक्तदान शिविर का आयोजन इसी सेवा भावना को समर्पित है।

उन्होंने कहा कि रक्तदान महादान है। हमारे द्वारा दिया गया रक्त किसी अपरिचित और रक्त के अभाव से पीड़ित व्यक्ति का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

‘नशे की सुई को न, रक्तदान की सुई को हां कहें’

नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चला रहे डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा, “नशे की सुई को ‘न’ कहें और रक्तदान की सुई को ‘हां’ कहें।”

उन्होंने कहा कि नशे की सुई जीवन को नष्ट करती है, जबकि रक्तदान की सुई किसी जरूरतमंद को नया जीवन देने का माध्यम बनती है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल, योग, सेवा, संस्कार और रक्तदान जैसे सकारात्मक कार्यों से जुड़ने का आह्वान किया।

607 शिविरों के जरिए 21,642 यूनिट रक्त सरकारी रक्तकोषों को उपलब्ध

मुख्य अतिथि दविन्द्र सचदेवा ने कहा कि डॉ. अशोक कुमार वर्मा पुलिस बल के सर्वोच्च रक्तदाताओं में हैं। उनके द्वारा अब तक 607 स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों के माध्यम से 21,642 रक्त इकाइयां सरकारी रक्तकोषों को उपलब्ध कराई जा चुकी हैं।

इन रक्त इकाइयों से लगभग 64,926 जरूरतमंद लोगों के जीवन की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान मिला है।

डॉ. वर्मा स्वयं 185 बार कर चुके हैं रक्तदान

डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि वह स्वयं अब तक 185 बार रक्तदान, 90 बार प्लेटलेट्स दान और एक बार प्लाज्मा दान कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि रक्तदान केवल किसी व्यक्ति की जान बचाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज में मानवता, संवेदना और परोपकार की भावना को भी मजबूत करता है।

रक्तदाताओं को स्मृति-चिह्न देकर किया सम्मानित

कार्यक्रम के अंत में सभी रक्तदाताओं को स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। वहीं शिक्षक एवं रक्तदाता डॉ. ईश्वर सिंह को शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के साथ-साथ समाज सेवा और रक्तदान के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

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