करनाल। जिला नागरिक अस्पताल में रविवार शाम बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। शाम करीब 4:30 बजे बिजली आपूर्ति ठप होने के बाद अस्पताल में करीब साढ़े पांच घंटे तक अंधेरा छाया रहा। अस्पताल हॉटलाइन फीडर से जुड़ा होने के बावजूद रात 9:30 बजे बिजली बहाल हो सकी। इस दौरान अस्पताल के दोनों जेनसेट भी प्रभावी रूप से काम नहीं कर सके, जिससे वार्डों, ऑपरेशन थिएटर और प्रसूति कक्ष तक मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, एक जेनसेट पहले से खराब था, जबकि दूसरा पूरे अस्पताल का लोड नहीं संभाल सका और कुछ देर बाद वह भी बंद हो गया। स्थिति बिगड़ने पर गंभीर मरीजों को कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज रेफर करने की प्रक्रिया शुरू की गई। एक वेंटिलेटर पर भर्ती मरीज और एक सिजेरियन डिलीवरी वाली महिला को मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जबकि कई परिजन अपने मरीजों को निजी अस्पतालों में लेकर चले गए।

प्रसूति वार्ड में सबसे अधिक परेशानी

बिजली कटौती का सबसे अधिक असर प्रसूति एवं महिला वार्ड में देखने को मिला। ऑपरेशन के बाद भर्ती महिलाओं को घंटों गर्मी और उमस में रहना पड़ा। परिजनों का आरोप है कि अत्यधिक घुटन के कारण दो प्रसूताएं चक्कर खाकर गिर गईं। वहीं नवजात शिशुओं को राहत दिलाने के लिए परिजन उन्हें वार्ड से बाहर खुले बरामदों में लेकर घूमते रहे।

मोबाइल की टॉर्च बनी सहारा

बिजली नहीं होने के कारण अस्पताल का माहौल किसी आपदा से कम नहीं था। मरीजों के परिजन हाथ वाले पंखों, अखबार और गत्ते से हवा करते नजर आए। डॉक्टर और नर्सें मोबाइल की टॉर्च की रोशनी में मरीजों तक पहुंचीं। बुजुर्ग, बच्चे और गंभीर मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

कुछ लोगों ने जेनसेट में डीजल की कमी का आरोप लगाया, हालांकि अस्पताल प्रशासन ने इन आरोपों से इनकार किया।

बिजली निगम ने बताई वजह

बिजली निगम के अधीक्षक अभियंता नसीब सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल को बिजली आपूर्ति देने वाले हॉटलाइन फीडर का केबल बॉक्स क्षतिग्रस्त हो गया था। मरम्मत के कई प्रयास किए गए, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर वैकल्पिक माध्यम से बिजली आपूर्ति बहाल की गई।

पीएमओ ने मांगी रिपोर्ट

पीएमओ डॉ. सारिका बिश्नोई ने कहा कि हॉटलाइन फीडर पर इतनी लंबी बिजली कटौती गंभीर मामला है। मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए गंभीर मरीजों को तुरंत मेडिकल कॉलेज भेजा गया। उन्होंने बताया कि रात तक दोनों जेनसेट ठीक करा दिए गए हैं और पूरे मामले की रिपोर्ट बिजली निगम से मांगी जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।

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