करनाल। दिल्ली-पानीपत-अंबाला राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार बढ़ रहे यातायात के दबाव को देखते हुए नमो भारत ट्रेन के प्रस्तावित कॉरिडोर को पानीपत से आगे करनाल तक बढ़ाने की कवायद तेज हो गई है। केंद्र सरकार की पहल के बाद राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) ने प्रस्तावित विस्तार को लेकर रूट सर्वे शुरू कर दिया है।

सर्वे पूरा होने के बाद इसकी रिपोर्ट केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय और हरियाणा सरकार को भेजी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर ही करनाल तक कॉरिडोर के विस्तार को लेकर आगे का फैसला लिया जाएगा।

2041 में ढाई गुना तक बढ़ सकता है ट्रैफिक

दिल्ली से पानीपत और आगे अंबाला की ओर जाने वाले हाईवे पर वर्तमान में रोजाना करीब डेढ़ से दो लाख वाहनों की आवाजाही होती है। 2041 के ट्रैफिक अनुमान के अनुसार आने वाले वर्षों में इस मार्ग पर वाहनों का दबाव मौजूदा स्तर से करीब ढाई गुना तक बढ़ने की संभावना है।

करनाल तक हाईवे पर पहले से ही वाहनों की संख्या अधिक रहती है। पानीपत और करनाल के आसपास औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार को देखते हुए भविष्य में यातायात और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में सार्वजनिक परिवहन के मजबूत विकल्प की जरूरत महसूस की जा रही है।

पानीपत से करनाल तक रूट की संभावनाएं जांच रहा NCRTC

पानीपत तक नमो भारत ट्रेन चलाने की योजना को केंद्र सरकार से सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। हरियाणा सरकार भी परियोजना को लेकर सैद्धांतिक सहमति दे चुकी है। अब पानीपत से आगे करनाल तक विस्तार की तकनीकी और व्यवहारिक संभावनाओं का आकलन किया जा रहा है।

NCRTC के सर्वे में संभावित रूट, यातायात की जरूरत, यात्रियों की संख्या और भविष्य में कॉरिडोर की उपयोगिता जैसे पहलुओं का अध्ययन किया जा रहा है। सर्वे रिपोर्ट के बाद ही करनाल तक विस्तार के लिए उपयुक्त रूट की तस्वीर स्पष्ट होगी।

मनोहर लाल की पहल से बढ़ी करनाल तक विस्तार की उम्मीद

केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री और करनाल सांसद मनोहर लाल इस कॉरिडोर को करनाल तक विस्तार देने की जरूरत पर जोर देते रहे हैं। प्रस्ताव के साकार होने पर दिल्ली से करनाल के बीच सफर करने वाले यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन का विकल्प मिल सकता है।

हाईवे पर घट सकता है वाहनों का दबाव

नमो भारत ट्रेन के करनाल तक विस्तार से दिल्ली-NCR और हरियाणा के बीच सार्वजनिक परिवहन की कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है। हाईवे पर रोजाना सफर करने वाले यात्रियों का एक हिस्सा यदि रेल परिवहन की ओर स्थानांतरित होता है तो निजी वाहनों का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।

अब सभी की नजरें NCRTC की सर्वे रिपोर्ट पर टिकी हैं। रिपोर्ट आने के बाद केंद्र और हरियाणा सरकार के स्तर पर परियोजना के विस्तार को लेकर आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। यदि करनाल तक नमो भारत कॉरिडोर को मंजूरी मिलती है तो दिल्ली-करनाल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिए इसे बड़ा कदम माना जाएगा।