करनाल। हरियाणा सरकार की ‘मेरी पसंद, मेरी साइकिल’ योजना के तहत इस बार विद्यार्थियों को नि:शुल्क साइकिल पाने के लिए अपनी जेब से अतिरिक्त राशि खर्च करनी पड़ रही है। शिक्षा विभाग द्वारा तय की गई साइकिल की कीमत और बाजार में उपलब्ध साइकिलों के दाम में बड़ा अंतर होने के कारण प्रत्येक छात्र को कम से कम 1300 रुपये का अतिरिक्त भुगतान करना पड़ रहा है।
शिक्षा विभाग की ओर से सेक्टर-13 स्थित राजकीय विद्यालय में योजना के तहत दो दिवसीय साइकिल मेले का आयोजन किया गया। मेले में तीन अलग-अलग फर्मों ने अपनी साइकिलों की प्रदर्शनी लगाई। यहां 4100 रुपये से लेकर 6500 रुपये तक की साइकिलें प्रदर्शित की गईं।
शिक्षा विभाग की ओर से सेक्टर-13 स्थित राजकीय विद्यालय में योजना के तहत दो दिवसीय साइकिल मेले का आयोजन किया गया। मेले में तीन अलग-अलग फर्मों ने अपनी साइकिलों की प्रदर्शनी लगाई। यहां 4100 रुपये से लेकर 6500 रुपये तक की साइकिलें प्रदर्शित की गईं।
विभाग की ओर से 20 इंच की साइकिल की निर्धारित कीमत 2800 रुपये और 22 इंच की साइकिल की कीमत 3000 रुपये (जीएसटी सहित) तय की गई है। ऐसे में सबसे कम कीमत वाली 4100 रुपये की साइकिल लेने पर भी विद्यार्थियों को 1300 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। यदि कोई छात्र इससे महंगी साइकिल चुनता है तो उसे और अधिक राशि का भुगतान करना पड़ेगा।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2020 के बाद से योजना के तहत साइकिल के लिए निर्धारित राशि में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है, जबकि इस दौरान बाजार में साइकिलों की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसका सीधा असर योजना के लाभार्थी विद्यार्थियों पर पड़ रहा है।
इस संबंध में योजना के नोडल अधिकारी सियाराम शास्त्री ने बताया कि विभाग द्वारा निर्धारित दरों के अनुसार ही प्रक्रिया अपनाई जा रही है और विद्यार्थी अपनी पसंद की साइकिल चुन सकते हैं। हालांकि, बाजार मूल्य अधिक होने के कारण अंतर की राशि विद्यार्थियों को स्वयं वहन करनी होगी।