करनाल पुलिस व स्वास्थ्य विभाग का संयुक्त प्रयास, विद्यार्थियों को नशामुक्त जीवन के लिए किया प्रेरित,

नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जिला पुलिस करनाल एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सहयोग से राजकीय चिरंजी लाल महाविद्यालय, सेक्टर-14 करनाल में विद्यार्थियों के लिए एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना तथा उन्हें नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. रेखा त्यागी की उपस्थिति में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस अवसर पर करनाल पुलिस की ओर से कांस्टेबल करमबीर, एसपीओ विक्रम तथा एसपीओ रवि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. हरीश (नशा मुक्ति केंद्र) ने विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार के नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नशा न केवल व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है बल्कि मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक जीवन पर भी गंभीर प्रभाव डालता है। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने तथा अपने मित्रों और परिवारजनों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।

डॉ. विकास (मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ) ने युवाओं में बढ़ती मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि तनाव, चिंता और अवसाद जैसी समस्याओं से बचाव के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने तथा आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञों से परामर्श लेने की सलाह दी।

सुश्री पूजा (मानसिक स्वास्थ्य विभाग) ने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य एवं भावनात्मक संतुलन बनाए रखने के विभिन्न उपायों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सकारात्मक सोच, नियमित व्यायाम, परिवार एवं मित्रों के साथ संवाद तथा रचनात्मक गतिविधियों में भागीदारी मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सहायक होती है।

इस अवसर पर विद्यार्थियों को मानस राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1933 के बारे में भी जानकारी दी गई। बताया गया कि नशे से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या, परामर्श अथवा सहायता के लिए इस हेल्पलाइन पर संपर्क किया जा सकता है। हेल्पलाइन के माध्यम से विशेषज्ञों द्वारा गोपनीय रूप से मार्गदर्शन एवं सहायता प्रदान की जाती है।

करनाल पुलिस के प्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों को नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों की जानकारी देते हुए बताया कि युवाओं की भागीदारी से ही समाज को नशामुक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति नशे की गिरफ्त में है तो उसे उपचार एवं परामर्श के लिए प्रेरित करें तथा नशे से संबंधित किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना पुलिस को दें।

कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने नशा मुक्त समाज के निर्माण में अपना योगदान देने तथा स्वयं नशे से दूर रहने का संकल्प लिया।