करनाल, 24 जून। करनाल में फर्जी एफडीआर (फिक्स्ड डिपॉजिट रसीद) के आधार पर अदालत से जमानत लेने का मामला सामने आया है। मामले की जांच के बाद पुलिस ने एक अधिवक्ता के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। जांच में प्रस्तुत की गई तीन एफडीआर में से दो फर्जी पाई गईं, जबकि तीसरी एफडीआर को एक सप्ताह के भीतर तुड़वा लिया गया।
जानकारी के अनुसार अदालत में जमानत प्रक्रिया के दौरान तीन एफडीआर जमा कराई गई थीं। बाद में दस्तावेजों की सत्यता की जांच कराई गई तो दो एफडीआर पूरी तरह फर्जी निकलीं। वहीं तीसरी एफडीआर भी संदिग्ध पाई गई, जिसे जमा कराने के कुछ दिनों बाद ही तुड़वा लिया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभाग और पुलिस ने जांच शुरू की। जांच रिपोर्ट के आधार पर अधिवक्ता के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और फर्जी दस्तावेज तैयार करने तथा उनका उपयोग करने में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले ने अदालतों में जमानत प्रक्रिया के दौरान जमा किए जाने वाले दस्तावेजों की सत्यता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन अब ऐसे मामलों को रोकने के लिए दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया को और सख्त करने पर विचार कर रहा है।