जिला पुलिस विभाग, शिक्षा विभाग ओर ब्रैक्थ्रू के द्वारा बाल यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम पर कार्यक्रम आयोजन।

आज दिनांक 5 जून 2026 को बाल संरक्षण एवं बाल यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु एक विशेष कार्यक्रम करनाल जिले के कुटेल समुदाय के पी एम श्री राजकीय वरिष्ठ विद्यालय में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में ब्रैक्थ्रू के साथ पुलिस विभाग एवं शिक्षा विभाग की संयुक्त सहभागिता रही। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों  को पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों, बच्चों के अधिकारों तथा बाल सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियों से अवगत कराना था। कार्यक्रम के दौरान पुलिस विभाग के अधिकारियों ने बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों की रोकथाम, साइबर सुरक्षा, गुड टच-बैड टच तथा आपातकालीन सहायता सेवाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की। जिला शिक्षा अधिकारी रोहतास वर्मा ने सभी अपस्थित गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया  व ब्रैक्थ्रू  से कमला ने कार्यक्रम का परिचय दिया व जेन्डर आधारित भेदभाव ओर हिंसा पर बात की| इसके बाद राजीव ओर ज्योति ने पॉस्को ऐक्ट के बारे में विद्यार्थियों के साथ विस्तार से चर्चा की | 

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि  एएसपी  दीपिका अग्रवाल मैडम ने सोशल मीडिया विद्यार्थियों के जीवन को कैसे प्रभावित कर रहा है पर बात की। उन्होंने बताया कि आज ज्यादातर विद्यार्थी फेसबुक, इंस्टाग्राम उपयोग कर रहे है जिसका उनपर गलत प्रभाव पड़ रहा है।दीपिका मैम ने किशोरों से विवाह की कानूनी आयु के बारे में पूछा। इसके बाद उन्होंने बताया कि आजकल हम अपने आसपास लड़के-लड़कियों के घर से चले जाने या आपसी संबंधों से जुड़े कई मामले सुनते हैं। अक्सर इन मामलों में उनकी आयु कम होती है, जिसके कारण कानूनी जटिलताएँ उत्पन्न हो जाती हैं। उन्होंने बताया कि कम उम्र होने पर ऐसे मामलों में कानून के तहत गंभीर परिणाम हो सकते हैं, इसलिए सभी किशोरों को POCSO अधिनियम की जानकारी अवश्य होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि लड़के और लड़कियाँ अच्छे मित्र हो सकते हैं लेकिन हर रिश्ते मे सभी का सम्मान जरूरी है| लेकिन जीवन के इस महत्वपूर्ण चरण में सबसे अधिक ध्यान अपनी शिक्षा, करियर और सपनों को साकार करने पर देना चाहिए। सही दिशा में की गई मेहनत और एकाग्रता ही उज्ज्वल भविष्य की कुंजी है।

ACUT (IAS)  सोहम शैलेन्द्र ने बताया कि POCSO एक्ट की जानकारी सभी को होनी चाहिए, क्योंकि यह बच्चों और किशोरों की सुरक्षा से जुड़ा एक महत्वपूर्ण कानून है। उन्होंने कहा कि इस कानून की जानकारी होने से हम न केवल अपनी सुरक्षा कर सकते हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर अपने साथियों की भी मदद कर सकते हैं। उन्होंने सभी को एक-दूसरे का सम्मान करने, सुरक्षित व्यवहार अपनाने और अपनी बात खुलकर रखने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार की परेशानी या गलत व्यवहार होने पर चुप न रहें और भरोसेमंद व्यक्ति से बात करें। इससे हम एक सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण बनाने में योगदान दे सकते हैं। महिला पुलिस थाना करनाल एसएचओ मैडम कविता गोयत ने किशोर किशोरियों को संबोधित करते हुए कहा कि जब मैं स्कूल मे थी तब मैंने भी पढ़ाई मे बहुत मेहनत की थी | पढ़ाई के साथ-साथ हमें खेलों की ओर भी ध्यान देना चाहिए| एसएचओ कविता मैम ने बताया कि किशोरावस्था जीवन का वह महत्वपूर्ण दौर है, जिसमें बच्चों को अपनी शिक्षा और खेल-कूद पर विशेष ध्यान देना चाहिए। सोशल मीडिया पर अधिक समय व्यर्थ करने के बजाय अपने लक्ष्यों और सपनों को पूरा करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने खेलों के माध्यम से अपने सपनों को साकार किया।  इसी समर्पण और दृढ़ संकल्प के कारण आज एसएचओ के पद पर कार्यरत हैं।

खंड  शिक्षा अधिकारी वीना  ने विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराने तथा किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को देने के लिए प्रेरित किया। प्रधानाचार्य जोगिंदर ने कहा कि उन्हें बहुत खुशी है कि इस कार्यक्रम में विभिन्न अधिकारी शामिल हुए। उनके स्कूल के लिए सौभाग्य की बात है कि सभी ने समय निकालकर विद्यार्थियों के बीच महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। उन्होंने ब्रेकथ्रू संस्था की सराहना करते हुए कहा कि संस्था ने हमेशा की तरह इस कार्यक्रम में पूरा सहयोग दिया और स्कूल को अपना समझकर सभी गतिविधियों को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों को समझने का अवसर भी प्रदान करते हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक गतिविधियों मे भाग लिया| सहभागिता की तथा विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। अंत में सभी प्रतिभागियों को बाल सुरक्षा एवं पॉक्सो अधिनियम के प्रति जागरूक रहने तथा अन्य लोगों को भी जागरूक करने का संदेश दिया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य जोगेंद्र जी  ने सभी उपस्थित अतिथियों का धन्यवाद किया।

इस अवसर पर विद्यालय स्टाफ, ग्रामीण बैंक मैनेजर, ग्राम पंचायत सरपंच, पंच,  ग्राम सचिव, ब्रैक्थ्रू टीम एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।