करनाल में रोष मार्च निकाल कर डीसी को दिया राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन
सरकार पदयात्रा कर धर्म प्रचार करने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित करे
करनाल, 27 मई (): देश के विभिन्न भागों में जैन साधुओं और साघ्वियों पर बढ़ते हमले , विभिन्न हिस्सों में जैन साधुओं साघ्वियों के साथ होते हादसों से रोष जदा जैन समाज आज सडक़ों पर उतरा। हाल ह में मध्यप्रदेश के रीवा में जैन साध्वियों की एक वाहन चालक द्वारा हादसे की आढ़ में की गई जघन्य हत्या के विरोध में जैन समाज में आक्रोश दिखाई दिया। देश भर में जैन समाज में रोष उवल रहा हैं। करनाल में आज सकल जैन समाज इकठ्ठा हुआ। उन्होंने मिनी सचिवालय तक मार्च निकाला। उसके बाद डीसी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया। जैन समाज के इस रोष मार्च में बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने भाग लिया। इस अवसर पर दिगंवर जैन सोसायटी के प्रधान बीरेश जैन एसएसजैन सभा हनुमतान गली के महामंत्री नवीन जैन एसएस जैन सभा सैक्टर 14 के पदाधिकारी रमन जैन, प्रो. एससी जैन की अगुवाई में डीसी को ज्ञापन दिया। इस अवसर पर दिगंबर जैन सोसायटी के प्रधान बीरेश जैन ने कहा कि जैन साधुओं को एक साजिश के तहत निषाना बनाया जा रहा हैं। सरकार दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करे।
उन्होंने कहा कि रीवा में जैन बूझ कर वाहन चालक ने जैन साध्वियों को वाहन से कुचला हैं। इसमें दो साघ्वियों के साथ तीन लोगों की मौत हो गई। इस अवसर पर एससी जैन ने कहा कि पिछले कुछ सालों में हजारों जैन साध्वी और साघ्वियां हादसों का शिकार हो चुकी हैं। उन्होंने कहा इस घटना पर किसी भी राजनेता ने शोक नहीं जताया। यह दुर्भाग्यपूर्ण हैं। उन्हेांने कहा कि अहिंसक समाज को प्रताडि़त किया जा रहा हैं। उन्होंने कहा कि पद यात्रा कर धर्म प्रचार करने वाले साुधओं और साघ्वियों की सुरक्षा सरकार सुनिश्चित करे। इस अवसर पर एसएस जैन सभा के महामंत्री नवीन जैन ने कहा कि देश भर में जैन समाज अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रहा है। हारल ही के घटनाक्रमों ने यह साबित कर दिया ळैं। कि जैन तीर्थ स्थल साधु साध्वी सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि देश में कुछ संगठन जैन तीर्थों साधुओं पर हमले करवा रहे ळैं। उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इस अवसर पर महाबीर जैन, अजय कुमार जैन प्रवीण जैन, अंकित जैन, सौरभ जैन, सुशील जैन, अलका जैन नीतू जैन निशा जैन शिक्षा जैन, रेखा जैन अनिल जैन अनीता जैन आयुषी जैन दीप्ति जैन,सहित अन्य लोग मौजूद थे।