करनाल। हरियाणा पुलिस के उपनिरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो में जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं। वे ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री संजय कुमार, IPS के दिशानिर्देशों से पूरे प्रान्त में नशे के विरुद्ध प्रचार प्रसार में जुटे हैं। पिछले पांच दिनों में जिला स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में उन्हें नशा मुक्ति अभियान में उत्कृष्ट सेवाओं एवं उल्लेखनीय योगदान के लिए विभिन्न स्थानों पर सम्मानित किया गया। अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस के अवसर पर फरीदाबाद में आयोजित कार्यक्रम में उन्हें पुलिस मुख्यालय उपायुक्त हिमाद्री कौशिक (आईपीएस) द्वारा सम्मानित किया गया। इससे पूर्व गुरुग्राम में पुलिस आयुक्त श्री सिबास कविराज (आईपीएस) तथा सोनीपत में पुलिस आयुक्त ममता सिंह द्वारा भी अलग-अलग कार्यक्रमों में उन्हें सम्मानित किया गया। उप निरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा वर्ष 2020 से हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अंतर्गत कार्य करते हुए पूरे प्रदेश में नशे के विरुद्ध जन-जागरूकता अभियान का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने हरियाणा के सभी जिलों में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में हजारों जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं, विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया है तथा नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया है। विशेष उल्लेखनीय बात यह है कि डॉ. वर्मा हरियाणा सरकार की नशामुक्ति साइकिल यात्रा में दोनों बार सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं। उन्होंने साइकिल के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न गांवों और शहरों में पहुंचकर लोगों को नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संदेश दियापर्यावरण प्रहरी के रूप में वे सदा साइकिल पर ही चलते हैं। हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अंतर्गत कार्य करते हुए डॉ. वर्मा अब तक 600 से अधिक व्यक्तियों को नशामुक्त करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। वहीं प्रदेशभर में वे 4600 से अधिक नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लगभग 18 लाख लोगों को नशामुक्त जीवन का संकल्प दिलवा चुके हैं। कार्यक्रम के अंतर्गत उपस्थित अधिकारियों एवं गणमान्य व्यक्तियों ने डॉ. वर्मा की समर्पित सेवाओं, जन-जागरूकता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता तथा पुनर्वास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उनका योगदान हरियाणा को नशामुक्त बनाने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी है। उल्लेखनीय है कि डॉ. अशोक कुमार वर्मा करनाल शहर के निवासी हैं और पिछले कई वर्षों से नशा उन्मूलन, जन-जागरूकता तथा पुनर्वास के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वे पुलिस विभाग के सर्वोच्च रक्तदाता भी हैं जो 183 बार रक्तदान 89 बार प्लेटलेट्स और 1 बार प्लाज़्मा दान कर चुके हैं। मरणोपरांत देह दान और नेत्र दान का संकल्प ले चुके हैं। उन्होंने अपने दो दिवंगत भाइयों विनोद कुमार खिप्पल और यशवंत कुमार खिप्पल के मरणोपरांत नेत्रदान कराए हैं। इसके साथ ही अनेक लोगों के भी नेत्रदान करा चुके हैं।