पत्रकारों को आज तक संर्विधानिक पहचान नहीं मिली

करनाल, 29 मई (): देश और प्रदेश के जाने माने अधिवक्ता और हरियाणा सरकार के पूर्व एएजी राजकुमार शर्मा ने कहा है कि आजादी के लगभग 78 सालों में सभी बर्गों के लिए आयोग बनाए गए लेकिन पत्रकारों के लिए आज तक आयोग नहीं बना हैं। राष्टीय और प्रदेश स्तरीय आयोग का गठन होना चाहिए। जो देश और प्रदेश भर के पत्रकारों के कल्याण और उनके जीवन स्तर में सुधार के लिए सिफारिशें कर सके। वह हिंदी पत्रकमारिता दिवस की पूर्व संध्या पर बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश में भजे ही स्टीट बैंडर हो या फिर कुली सभी को संवैधानिक पहचान दी गई लेकिन पत्रकारों को आज तक संर्विधानिक पहचान नहीं मिली हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को पहचान मिलना चाहिए। देश में पत्रकारों का पंजीयन होना चाहिए। उनके लिए योग्यता निर्धारित की जाए।

जिला प्रदेश और नैशनल स्तर पर बार कौंसिल  की तर्ज पर परिषद का गठन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पत्रकारों के समक्ष कई प्रकार की जटिल चुनौतियां हैं। उनकी आर्थक और सामाजिक सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर नीतियां बनानी चाहिए। उन्होंने कहा किक सरकार पत्रकारों को आर्थिक सहायता मुहैया करवाए। उन्होंने एक सवाल के जबाव में बताया कि पत्रकारों को सुरक्षा के लिए कानून बनाना चाहिए। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्त सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि पत्रकारों को एक पहचान मिलना चाहिए। उनकी विश्वसनीयता को लेकर भी कानून बनना चाहिए। उनकी सहायता के लिए समाज और सरकार को आगे आना चाहिए।