करनाल। 10 वर्षीय बच्चे के साथ दुष्कर्म करने के मामले में करनाल की पॉक्सो फास्ट ट्रैक स्पेशल अदालत ने 80 वर्षीय बुजुर्ग को 20 साल की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सैशन जज गुनीत अरोड़ा की अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 10 गवाहों की गवाही कराई गई।
2020 में पिता ने पुलिस को दी थी शिकायत
जिला उप-न्यायवादी अमन कौशिक ने बताया कि घटना के संबंध में 12 मई 2020 को घरौंडा थाना पुलिस को बच्चे के पिता ने शिकायत दी थी। शिकायत के अनुसार उनका 10 वर्षीय बेटा छठी कक्षा में पढ़ता था। आरोप था कि 6 मई 2020 को पड़ोस में रहने वाला बुजुर्ग बदलु बच्चे को बहला-फुसलाकर अपने घेर में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया।
शिकायत के मुताबिक आरोपी ने बच्चे को घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी। बाद में बच्चे ने पूरी बात अपनी दादी को बताई।
पुलिस ने केस कैंसिल किया तो पिता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया
बच्चे की ओर से परिजनों ने आरोपी के घर जाकर शिकायत की, लेकिन आरोप है कि वहां उल्टा बच्चे पर ही चोरी का आरोप लगाकर उसके साथ गाली-गलौच की गई। इसके बाद बच्चे के पिता ने घरौंडा थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस जांच के बाद मामला कैंसिल कर दिया गया था। हालांकि, पीड़ित बच्चे के पिता ने हार नहीं मानी और पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ अदालत में विरोध याचिका दायर की।
बच्चे के बयान और गवाहियों के आधार पर सजा
अदालत ने मामले पर सुनवाई करते हुए आरोपी को समन जारी किए। सुनवाई के दौरान बच्चे के बयान सहित अभियोजन पक्ष की ओर से 10 गवाहों की गवाही कराई गई। उपलब्ध साक्ष्यों और बच्चे के बयान के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।