नशे की सुई को न- रक्तदान की सुई को- हाँ, ताकि स्वस्थ रहें आप- कट जाएँ संताप
प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के अमर नायक एवं महान स्वतंत्रता सेनानी मंगल पांडे की जयंती के अवसर पर क्षेत्रीय रक्त संचरण केंद्र, नागरिक अस्पताल, करनाल में राष्ट्रपति पुलिस पदक से विभूषित, राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता, डायमंड रक्तदाता एवं पर्यावरण प्रहरी डॉ. अशोक कुमार वर्मा के संयोजन में 596वाँ स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में जिला शिक्षा अधिकारी, करनाल रोहतास वर्मा उपस्थित रहे, जबकि भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, करनाल के सचिव कुलबीर सिंह मलिक ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। क्षेत्रीय रक्त संचरण केंद्र के प्रभारी डॉ. संजय वर्मा के नेतृत्व में रक्त संग्रहण का कार्य संपन्न हुआ। समाजसेवी नरेश मेहता एवं पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त अधिकारी चरंजी लाल वर्मा अति विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेमुख्य अतिथि श्री रोहतास वर्मा ने रक्तदाताओं को बैज लगाकर सम्मानित एवं प्रोत्साहित करते हुए कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। प्रत्येक स्वस्थ नागरिक को नियमित रूप से रक्तदान करना चाहिए, क्योंकि एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद को नया जीवन प्रदान कर सकता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कुलबीर सिंह मलिक ने कहा कि रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प उपलब्ध नहीं है। केवल स्वस्थ व्यक्ति ही स्वेच्छा से रक्तदान कर किसी अनजान व्यक्ति का जीवन बचा सकता है। उन्होंने युवाओं से नियमित रक्तदान करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। शिविर संयोजक डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने कहा कि यह शिविर हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के बैनर तले आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा, “युवाओं को नशे की सुई से दूर रहना चाहिए और रक्तदान की सुई लगवाकर किसी जरूरतमंद को जीवनदान देना चाहिए।” उन्होंने एक नारा दिया- नशे की सुई को न- रक्तदान की सुई को- हाँ, ताकि स्वस्थ रहें आप- कट जाएँ संताप। बता दें डॉ. अशोक कुमार वर्मा पुलिस विभाग के सर्वोच्च रक्तदाता हैं और हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कण्ट्रोल ब्यूरो के जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी के रूप में नियुक्त हैं। वे 183 बार रक्तदान, 89 बार प्लेटलेट्स और 1 बार प्लाज़्मा दान कर चुके हैं। वे 596 स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों के माध्यम से 21245 रक्त इकाई राजकीय रक्त कोषों को उपलब्ध करा चुके हैं जिसका लाभ रक्त के अभाव से पीड़ित 63735 लोगों को मिला है। इसके अतिरिक्त रक्त की मांग पर भारत के विभिन्न शहरों में रक्त उपलब्ध कराने में लगे हुए हैं। इस अवसर पर अनेक बार रक्तदान कर चुके परमाल सिंह, दिनेश शर्मा, रजनीबाला, अनिल कुमार, आरती सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। शिविर में 25 युवाओं ने उत्साहपूर्वक रक्तदान कर मानव सेवा के इस महाअभियान में अपना योगदान दिया।