निर्णय लिया : उत्तर भारत से 21 सदस्यीय एक शिष्ट मंडल बनाया जाएगा
करनाल, 28 जून ( ): श्री करनाल के श्री सिंह सभा गुरुद्वारा माडल टाउन करनाल में सिख पंथ की उत्तर भारत के चुनिंदा लीडर्स की एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता राजस्थान गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान हरदीप सिंह डिबडिबा ने की। इस अवसर पर हरियाणा, पंजाब, राजस्थान उत्तराखंड उत्तर प्रदेश, तथ चंडीगढ़ से आए सिाख प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर मौजूदा दौर में श्री अकाल तख्त साहिब की कार्यप्रणाली पर गंभीर चिंतन किया गया। सभी उपस्थित जनों ने एक स्वर में कहा कि आज के दौर में जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहेब श्री अकाल तख्त साहेब की महान पंरपराओं को ठेस पहुंचा रहे हैं।क्योंकि पहले ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने हुकुमनामा जारी कर सुखबीर वादल को सजा लगाई थी। बाद में सुखबीर बादल ने हुकुमनामा मानने से इनकार कर दिया। परंतु ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने अपने पद पर रहते हुए सुखबीर बादल के खिलाफ कोई कदम नहीं उठा सके। इसके बाद यही हाल ज्ञानी रघ्ुाबीर सिंह का रहा। और अब जत्थेदार कुलदीप सिंह गडग़ज ने सिख परंपराओं की घेर उल्लंधना की हैं। जब उन्होंने पंजाब के सीएम जोकि एक पतित सिंख हैं। उन्हें श्री अकाल तख्त साहेब के समक्ष हाजिर होने का हुकुमनामा जारी किया था। जिस पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान श्री अकाल तख्त साहब के समक्ष पेश हुए थे। जब कि श्री अकाल तख्त साहेब की मर्यादा के अनुसार कोई भी सिख जिसने अमृतपान नहीं किया हो वह श्री अकाल तख्त के समक्ष पेश नहीं हो सकता हैं। और अब जत्ोिदार श्री अकाल तख्त साहिब पंजाब के सीएम भगवंत मान के खिलाफ हुकुम नामा जारी करवाने के लिए इश्तहारों का इस्तेमाल करवाने जारहेहैं जोकि काफी दुर्भाग्यपूर्ण हैं। क्यों कि कभी समय था कि जब श्री अकाल तख्तसाहिब की एक आवाज पर पूरा सिख पंथ एकत्रित हो जाता था। और श्री अकाल तख्त साहिब से जारी हुकुम नामे के ऊपर जी जान से पहरा देता था। लेकिन अब जत्थेदारों के सियासी फैसलों के कारण सिख संगत का विश्वास श्री अकाल तख्त साहिब से उठता जा रहा हैं। सिख संगत भारी असमंजस में हैं। इस अवसर पर परमजीत सिंह गाजी,ने कहा कि मौजूदा श्री अकाल तख्त साहिब का प्रबंधकीय ढांचा सिख मर्यादा और उसूलों के खिलाफ हैं। यह केवल दिखावे के लिए लोकतांत्रिक ढांचे के ऊपर काम कर रहा हैं जो श्री अकाल तख्त साहिब सिखों में सर्वोच्च स्थान रखता हैंवह आज घटिया सियासत के चलते चौथे स्थान पर चला गया हैं। जैसे पहले एक परिवार का कब्जा हैं। फिर अकाली दल का कब्जा हैं उसके बाद शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी उसके बाद श्री अकालतख्त साहिब का प्रबंधक चलता हैं। यह सिख कौम के लिए गहरे चिंतन का विषय हैं। इस अवसर पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि उत्तर भारत से 21 सदस्यीय एक शिष्ट मंडल बनाया जाएगा जो कि पूरे उत्तर भारत में इस विषय पर ठोस काम करेगा। मंच का संचालन अंग्रेज सिंह पन्नू एडवोकेट ने किया। इस मौके पर किसान नेता वलविंदर सिंह बाजवा, उत्तर प्रदेश से अमरजीत सिंह, उत्तराखंड से हरपाल सिंह चीमा गुरजीत सिंह कोटिया, राजस्थान से जसवीर सिंह डब्बर, जसवीर सिंह संधु, तरसेम सिंह भगवंत सिंह , पंजाब से परमजीत सिंह गाजी, रंजीत सिह चीमा, बघेल सिंह कालो,सरपंच दलविंदर सिुह मट्टे, बाबा लक्खा सिंह,सुरेंद्र पाल सिंह विषेष रूप से मौजूद थे।