अभेद्य ऐप सहित साइबर अपराध से बचाव की विस्तृत जानकारी दी गई

करनाल, 05 जून 2026।

जिला पुलिस करनाल द्वारा साइबर अपराधों की रोकथाम एवं आमजन को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत राहगीरी कार्यक्रम के अंतर्गत ओल्ड बस स्टैंड करनाल के परिसर में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति सतर्क करना तथा डिजिटल लेनदेन एवं सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के बारे में जानकारी प्रदान करना था।

कार्यक्रम के दौरान पुलिस टीम द्वारा अभेद्य ऐप की कार्यप्रणाली, उपयोगिता एवं साइबर सुरक्षा में इसकी भूमिका के बारे में विस्तार से बताया गया। उपस्थित लोगों को बताया गया कि यह ऐप साइबर सुरक्षा को मजबूत करने में सहायक है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान समय में फिशिंग कॉल, ओटीपी फ्रॉड, फर्जी लिंक, सोशल मीडिया हैकिंग, ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी तथा नकली कस्टमर केयर कॉल जैसे अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं।

सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण सुझाव

आमजन को जागरूक करते हुए पुलिस टीम ने बताया कि—

किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक विवरण या पासवर्ड साझा न करें

अनजान कॉल, मैसेज या लिंक पर भरोसा न करें

सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने से बचें

डिजिटल भुगतान करते समय अतिरिक्त सतर्कता रखें।

साइबर ठगी से बचाव के उपाय

पुलिस ने बताया कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत कार्रवाई आवश्यक है। देरी करने से आर्थिक नुकसान बढ़ सकता है और राशि की रिकवरी की संभावना कम हो जाती है।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी दी गई तथा बताया गया कि वे तुरंत www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

यह कार्यक्रम साइबर अपराध थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश कुमार के नेतृत्व में आयोजित किया गया। इस दौरान सहायक उप निरीक्षक देवेंद्र मान तथा सिपाही लवकेश कुमार सहित टीम के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में आमजन को साइबर सुरक्षा के प्रति सजग रहने की शपथ दिलाई गई तथा उन्हें इस जानकारी को समाज के अन्य लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया। जिला पुलिस करनाल ने कहा कि ऐसे जागरूकता अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेंगे।