करनाल। स्वर्ण न्याय यात्रा के तीसरे दिन यात्रा करनाल से रवाना होकर तरावड़ी और नीलोखेड़ी पहुंची। दोपहर में तरावड़ी तथा शाम को नीलोखेड़ी में यात्रा का पड़ाव रहा। दोनों स्थानों पर स्थानीय लोगों, युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने यात्रा का स्वागत किया तथा यात्रा के मुद्दों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।

करनी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना तथा सर्व ब्राह्मण सभा हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा बड़ौता की अगुआई में निकाली जा रही यह स्वर्ण न्याय यात्रा सामाजिक न्याय, समान अवसर और युवाओं के भविष्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में जनसंवाद कर रही है। यात्रा के माध्यम से लोगों को इन मुद्दों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ सरकार तक अपनी मांगों को मजबूती से पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

युवाओं के भविष्य की यात्रा

यात्रा के नेतृत्वकर्ताओं ने कहा कि स्वर्ण न्याय यात्रा किसी एक वर्ग या व्यक्ति की यात्रा नहीं है, बल्कि नौजवानों के भविष्य की यात्रा है। आज का युवा शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार और समान अवसरों को लेकर गंभीर चिंताओं से गुजर रहा है। ऐसे में नीतियों और कानूनों का प्रभाव युवाओं के भविष्य पर सीधे पड़ता है। इसी कारण इन विषयों पर खुलकर चर्चा और व्यापक जनसंवाद आवश्यक है।

सुरेंद्र शर्मा बड़ौता ने कहा कि यात्रा का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों को एक मंच पर लाकर युवाओं के भविष्य से जुड़े विषयों पर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करना है। उन्होंने कहा कि जब तक इन मुद्दों पर व्यापक चर्चा नहीं होगी, तब तक युवाओं की चिंताओं का समाधान संभव नहीं है।
यूजीसी कानून और एससी-एसटी एक्ट को वापस लेने की मांग

यात्रा के प्रमुख मुद्दों में यूजीसी कानून तथा एससी-एसटी एक्ट को वापस लेने की मांग शामिल है। यात्रा के नेतृत्वकर्ताओं का कहना है कि इन कानूनों को लेकर समाज के एक बड़े वर्ग में गंभीर चिंताएं हैं और इन चिंताओं पर सरकार को संवेदनशीलता के साथ विचार करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि किसी भी कानून का उद्देश्य समाज में न्याय और समानता स्थापित करना होना चाहिए। यदि किसी कानून को लेकर लोगों के मन में आशंका, असंतोष या असमानता की भावना पैदा हो रही है, तो सरकार और नीति-निर्माताओं को उस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। यात्रा के माध्यम से इसी विषय को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

EWS के सरलीकरण पर भी जोर
स्वर्ण न्याय यात्रा में EWS व्यवस्था के सरलीकरण को भी प्रमुख मुद्दा बनाया गया है। यात्रा के नेतृत्वकर्ताओं ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवाओं और परिवारों को योजनाओं एवं आरक्षण का लाभ प्राप्त करने के लिए अनावश्यक जटिलताओं का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और व्यावहारिक बनाया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि EWS से जुड़े नियमों और प्रक्रियाओं को इस प्रकार सरल किया जाना चाहिए कि पात्र युवाओं को इसका लाभ लेने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। दस्तावेजों और प्रक्रियाओं की जटिलता के कारण किसी पात्र व्यक्ति को अवसर से वंचित नहीं होना चाहिए।
तरावड़ी में दोपहर का पड़ाव

करनाल से रवाना होने के बाद स्वर्ण न्याय यात्रा दोपहर के समय तरावड़ी पहुंची। यहां स्थानीय लोगों और युवाओं ने यात्रा में शामिल पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं का स्वागत किया। इस दौरान यात्रा के उद्देश्यों और प्रमुख मांगों को लेकर लोगों से संवाद किया गया।

यात्रा के नेतृत्वकर्ताओं ने स्थानीय लोगों से कहा कि युवाओं से जुड़े मुद्दे किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं। शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं और समान अवसरों को लेकर हर क्षेत्र के युवाओं की चिंताएं लगभग समान हैं। इसलिए इन विषयों पर समाज के हर वर्ग को जागरूक होकर अपनी बात लोकतांत्रिक तरीके से रखनी चाहिए।
शाम को नीलोखेड़ी में डाला पड़ाव

तरावड़ी के बाद यात्रा नीलोखेड़ी के लिए रवाना हुई। शाम को नीलोखेड़ी पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने यात्रा का स्वागत किया। यहां भी यात्रा के प्रमुख मुद्दों को लेकर जनसंवाद हुआ और लोगों से अधिक से अधिक संख्या में इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया गया।

यात्रा से जुड़े सुरेंद्र शर्मा बड़ौता ने कहा कि स्वर्ण न्याय यात्रा को विभिन्न स्थानों पर जिस प्रकार लोगों का समर्थन और उत्साह मिल रहा है, उससे स्पष्ट है कि युवा अपने भविष्य से जुड़े विषयों को लेकर गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि यात्रा का उद्देश्य किसी के खिलाफ माहौल बनाना नहीं, बल्कि युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों की चिंताओं को मजबूती से सामने रखना है।

जनसंवाद के माध्यम से आगे बढ़ेगी यात्रा
यात्रा के नेतृत्वकर्ताओं ने कहा कि स्वर्ण न्याय यात्रा आने वाले दिनों में भी विभिन्न क्षेत्रों से होकर गुजरेगी और जगह-जगह लोगों से संवाद करेगी। यात्रा के दौरान युवाओं, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से उनके सुझाव एवं विचार लिए जाएंगे तथा प्रमुख मांगों को व्यापक स्तर पर उठाया जाएगा।

सुरेंद्र शर्मा बड़ौता ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर जागरूक रहें और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाएं। उन्होंने कहा कि यह यात्रा किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि उस हर नौजवान की आवाज है जो अपने भविष्य के लिए समान अवसर, सरल व्यवस्था और न्याय की अपेक्षा रखता है।
आयोजकों ने कहा कि स्वर्ण न्याय यात्रा अपने अगले पड़ावों की ओर निरंतर आगे बढ़ेगी और जनसंवाद के माध्यम से यात्रा के प्रमुख मुद्दों को प्रदेश के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जाएगा।

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