हरियाणा सरकार के नए कानून के बाद अंकुश लनगेगा कबूतरवाजों पर  
मानव तस्करी पर नियंत्रण और ट्रैवल एजेंट गतिविधियों के रेगुलेशन की दिशा में एक मजबूत पहल: कादियान

क रनाल, 06 मई ( ): प्रदेश सरकार द्वारा बनाए गए हरियाणा ट्रैवल एजेंट पंजीकरण एवं विनियमन (संशोधन) अधिनियम, 2026 में अभी भी तमाम विसंगतियां बनी हुई हैँं। जिसके कारण कबूतर वाज फायदा उठा कर ठगी कर सकेंगे। पिछले दिनों बनाए गए कानून को राज्यपाल ने मंजूरी दे दी हें। इसके बाद ट्रैवेल एजेंट विदेशों में मजदूर नहीं भेज पाएंगे। इस कदम को एक सराहनीय एवं महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा हैं। इस अधिनियम की विसंगतियों का लेकर जानकारी देते हुए कनाडा के एमीग्रेान और शिक्षा सलाहकार डा. अरविंद कादियान ने बताया कि यह अधिनियम मानव तस्करी पर नियंत्रण और ट्रैवल एजेंट गतिविधियों के रेगुलेशन की दिशा में एक मजबूत पहल है। लेकिन वर्तमान स्वरूप में कुछ बिन्दुओं पर ध्यान देना आवश्यक है ताकि फर्जी वीज़ा सेवाएं और धोखाधड़ी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके। इसमें लाइसैंस लेने वाले की  न्यूनतम शैक्षणिक एवं व्यावसायिक योग्यता का अभाव हैं। वर्तमान अधिनियम में वीज़ा काउंसलिंग सेवाएं प्रदान करने वाले व्यक्तियों के लिए कोई न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता या व्यावसायिक प्रमाणन अनिवार्य नहीं किया गया है। इससे अनभिज्ञ एवं अप्रशिक्षित व्यक्तियों द्वारा जटिल इमिग्रेशन एवं वीजा मामलों में सलाह देने का जोखिम बढ़ जाता है। उदाहरणस्वरूप, कनाडा में इमिग्रेशन कंसल्टेंट बनने के लिए इमिग्रेशन कानून का औपचारिक अध्ययन एवं एक  लाइसेंसिंग परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य है। हरियाणा में भी इसी प्रकार की प्रणाली—प्रशिक्षण, प्रमाणन एवं परीक्षा—लागू की जानी चाहिए ताकि पेशेवर दक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। विदेशी सरकारों की लाइसेंसिंग प्रणाली की मान्यता भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा स्पष्ट किया गया है कि वीज़ा प्रक्रिया से संबंधित एजेंटों को लाइसेंस प्रदान करने का अधिकार संबंधित विदेशी सरकारों के पास होता है। इस लिएअधिनियम में यह प्रावधान शामिल किया जाना चाहिए कि जो भी व्यक्ति या संस्था किसी विशेष देश के लिए वीज़ा परामर्श सेवाएं प्रदान करती है, उसे उस देश की अधिकृत नियामक संस्था से वैध मान्यता या लाइसेंस प्राप्त होना आवश्यक हो, जहां लागू हो। इससे अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित होगा और अवैध परामर्श सेवाओं पर रोक लगेगी।  अधिकृत प्रतिनिधि प्रपत्र  को अनिवार्य बनाया जाए विश्वभर में वीज़ा आवेदन प्रक्रिया में यह प्रावधान होता है कि यदि कोई वीजा कंसल्टेंट या वीजा एजेंट वीजा सेवाएं दे रहा है, तो उसका अधिकृत प्रतिनिधि प्रपत्र संलग्न किया जाए। अत: यह आवश्यक किया जाना चाहिए कि हर पंजीकृत ट्रैवल एजेंट/वीज़ा कंसल्टेंट अपने द्वारा किए गए प्रत्येक वीज़ा आवेदन के साथ यह प्रपत्र अनिवार्य रूप से संलग्न करे। इससे आवेदन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी कंसल्टेंट की जवाबदेही सुनिश्चित होगी अवैध एवं छिपे हुए एजेंटों पर रोक लगेगी यह संशोधन अधिनियम एक महत्वपूर्ण पहल है, किन्तु उपरोक्त सुझावों को शामिल करने से इसकी प्रभावशीलता और अधिक बढ़ेगी। एक सुदृढ़, पारदर्शी एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नियामक ढांचा ही वीज़ा धोखाधड़ी को रोकने और आम नागरिकों के हितों की रक्षा करने में सक्षम होगा।