करनाल। देश में हर बड़े अग्निकांड के बाद प्रशासन की नींद खुलती है। सर्वे शुरू होते हैं, नोटिस जारी किए जाते हैं। समय बीतता है और फिर गहरी नींद हावी हो जाती है। लापरवाही पर कार्रवाई का रिकॉर्ड शून्य है। एक बार फिर सब ठीक करने की कवायद शुरू हुई है। दिल्ली अग्निकांड के बाद जागे प्रशासन ने 30 इमारतों के मालिकों को नोटिस जारी किए हैं।
इन इमारतों में से कई में होटल, ढाबा और कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। एक माह में फायर एनओसी और सुरक्षा मानकों को पूरा करने के लिए कहा गया है। एक माह बाद भी नियम पूरे न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। बिना फायर एनओसी और सुरक्षा मानकों के इमारतों का उपयोग रोका क्यों नहीं जा सका, इसकी जवाबदेही तय नहीं की जा रही।
अब तक कोई इमारत सील नहीं हुई
दमकल विभाग की ओर से होटल, रेस्तरां, बैंक्वेट हॉल, अस्पताल, शोरूम और व्यावसायिक परिसरों का निरीक्षण तो किया जाता है। कमियां मिलने पर नोटिस जारी कर दिए जाते हैं, लेकिन किसी भी इमारत को सील करने या संचालन बंद कराने जैसी कार्रवाई नहीं होती। इसी कारण वर्षों से बिना फायर एनओसी और सुरक्षा मानकों के कई इमारतें संचालित हो रही हैं। दमकल अधिकारियों का कहना है कि इससे पहले भी वे करीब 90 भवन मालिकों को नोटिस दे चुके हैं।
पुरानी इमारतों में सुरक्षा मानक नहीं
शहर के मुख्य बाजारों और व्यावसायिक क्षेत्रों में स्थित अधिकांश बहुमंजिला इमारतें 20 से 30 साल पहले की हैं। कई इमारतों में पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है। कुछ भवनों में प्रवेश और निकास के लिए केवल एक ही रास्ता है। कई स्थानों पर सीढ़ियां संकरी हैं और आपातकालीन रास्ता नहीं है।
नक्शा नहीं तो एनओसी भी नहीं
नक्शा नहीं तो एनओसी भी नहीं
फायर विभाग के नियमों के अनुसार, अधिकांश व्यावसायिक और बहुमंजिला भवनों के लिए स्वीकृत भवन नक्शा और सुरक्षा मानकों का अनुपालन जरूरी है। शहर की बड़ी संख्या में ऐसी इमारतें हैं जिनके पास या तो स्वीकृत नक्शे नहीं हैं या निर्माण स्वीकृत मानकों के अनुरूप नहीं हुआ। ऐसी स्थिति में भवन मालिक चाहकर भी फायर एनओसी प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं। कई भवनों में अग्नि सुरक्षा उपकरणों के लिए पर्याप्त जगह तक उपलब्ध नहीं है।
दमकल की ओर से विशेष टीम गठित कर शहर का सर्वे किया गया। फायर एनओसी और सुरक्षा मानकों की कमी के कारण करीब 30 इमारतों के मालिकों को नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस में एक माह का समय देकर कार्रवाई की चेतावनी दी है। दमकल का ये अभियान आगे भी जारी रहेगा। – दीपक, दमकल अधिकारी