कुरुक्षेत्र।
स्वर्ण न्याय यात्रा अपने चौथे दिन धर्मनगरी कुरुक्षेत्र पहुंचेगी। यह यात्रा नौजवानों के भविष्य, समान अवसर और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों को लेकर आगे बढ़ रही है। यात्रा का नेतृत्व करनी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना एवं सर्व ब्राह्मण सभा हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा बड़ौता की अगुआई में किया जा रहा है।
यात्रा के प्रमुख मुद्दों में यूजीसी कानून, एससी-एसटी एक्ट में सुधार/पुनर्विचार तथा ईडब्ल्यूएस व्यवस्था को सरल बनाने की मांग शामिल है। आयोजकों का कहना है कि इन मुद्दों पर देश के युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच व्यापक संवाद और जागरूकता की आवश्यकता है।
कुरुक्षेत्र पहुंचने पर यात्रा का विभिन्न सामाजिक संगठनों, युवाओं और स्थानीय लोगों द्वारा स्वागत किया जाएगा। इस दौरान यात्रा से जुड़े पदाधिकारी और कार्यकर्ता अपने विचार रखते हुए युवाओं से सामाजिक एकजुटता एवं शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक संवाद का आह्वान करेंगे।
यात्रा के संदेश को श्रीमद्भगवद्गीता के इस श्लोक से जोड़ा गया है—
“कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।
मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि॥”
(श्रीमद्भगवद्गीता, अध्याय 2, श्लोक 47)
अर्थात मनुष्य का अधिकार अपने कर्तव्य और कर्म पर है, केवल उसके परिणाम पर नहीं। यात्रा से जुड़े लोगों का कहना है कि जब किसी विषय को लेकर समाज और विशेषकर युवा वर्ग अपनी बात लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से सामने रखता है, तो वह अपने सामाजिक दायित्व का निर्वहन करता है।
आयोजकों ने कहा कि स्वर्ण न्याय यात्रा किसी व्यक्ति या वर्ग के विरोध की यात्रा नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य, समान अवसर और न्यायपूर्ण व्यवस्था की मांग को लेकर जनजागरण का प्रयास है। उनका उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों को संवाद के मंच पर लाना और सरकार तक अपनी मांगों को शांतिपूर्ण ढंग से पहुंचाना है।
सुरेंद्र शर्मा बड़ौता ने कहा कि आज देश का युवा अपने भविष्य को लेकर गंभीर है। शिक्षा, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं में समान अवसर युवाओं की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसलिए नीतियों और कानूनों पर खुली चर्चा होनी चाहिए तथा जो व्यवस्थाएं जटिल हैं, उन्हें सरल और न्यायसंगत बनाया जाना चाहिए।
सर्व ब्राह्मण सभा हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा बड़ौता ने कहा कि यात्रा का संदेश गांव-गांव और शहर-शहर तक पहुंचाया जा रहा है। कुरुक्षेत्र की धरती से युवाओं के भविष्य और न्याय की आवाज को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में यात्रा से जुड़ने तथा शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का आह्वान किया।
चौथे दिन कुरुक्षेत्र पहुंच रही यह यात्रा अपने संदेश के साथ आगे के पड़ावों की ओर रवाना होगी और युवाओं के भविष्य एवं सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों को जन-जन तक पहुंचाने का अभियान जारी रखेगी।