आर्य कन्या गुरुकुल और राजकीय कन्या महाविद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम, 300 से अधिक छात्राओं ने नशामुक्त समाज की शपथ ली
करनाल। हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की ओर से प्रदेशभर में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के तहत आर्य कन्या गुरुकुल और राजकीय कन्या महाविद्यालय में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम में छात्राओं को नशे के दुष्परिणामों और इससे समाज पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया।
यह अभियान हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक संजय कुमार, आईपीएस के दिशा-निर्देशों तथा राजेंद्र कुमार मीणा, आईपीएस, पुलिस उपमहानिरीक्षक के नेतृत्व में चलाया जा रहा है।
साइकिल से गांव-शहर पहुंचा रहे नशामुक्ति का संदेश
जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी उप निरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा साइकिल के माध्यम से विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि इसका असर पूरे परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति पर पड़ता है।
उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है। हर नागरिक को इस अभियान में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी होगी। विशेष रूप से नारी शक्ति परिवार और समाज को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
नशे की तस्करी की सूचना 1933 पर देने की अपील
डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने छात्राओं से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को नशीले पदार्थों की बिक्री या तस्करी की जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना नशा तस्करी विरोधी हेल्पलाइन 1933 या 9050891508 पर दी जा सकती है। उन्होंने बताया कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाती है।
300 से अधिक छात्राओं ने ली नशामुक्ति की शपथ
कार्यक्रम के दौरान “नशे से स्वतंत्रता आंदोलन” विषय पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें प्राचार्या डॉ. विपिन कुमारी, प्रोफेसर जीतेन्द्र कुमार, प्रोफेसर डॉ. सुदेश वर्मा, प्रोफेसर मुकेश कुमार सहित 300 से अधिक छात्राओं ने हिस्सा लिया।
छात्राओं ने नशे से दूर रहने, नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ ली। उन्होंने अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।
“जागरूक प्रहरी बनकर खड़ा होना होगा”
कार्यक्रम में कहा गया कि नशे से वास्तविक स्वतंत्रता तभी संभव है, जब समाज का हर वर्ग इसके खिलाफ जागरूक प्रहरी के रूप में खड़ा हो। छात्राओं से अपील की गई कि वे नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें।