मंडी प्रधान ने की धान की कैपिंग बढ़ाने की मांग
करनाल, 18 अक्तूबर। वित्त आयुक्त एवं सचिव सी.जी. रजनीकांथन ने आज यहां की अनाज मंडी का दौरा कर धान खरीद व्यवस्था का जायजा लिया। इससे पहले मंडी बोर्ड कार्यालय में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। मंडी में आवक, उठान, भंडारण, पराली प्रबंधन, मिलर्स द्वारा की जा रही खरीद, धान के पुराने व नए स्टॉक आदि के बारे में जानकारी ली।
इस अवसर पर उपायुक्त डा. आनंद कुमार शर्मा ने वित्त आयुक्त को बताया कि करनाल मंडी में अब तक 4.52 लाख क्विंटल धान की आवक हुई है। इसमें से 361836 क्विंटल की खरीद की जा चुकी है। खरीदे गए धान में से 212613 क्विंटल का उठान किया जा चुका है। उठान में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं है। करीब 125 वाहनों को धान के उठान में लगाया गया है। रविवार होने के कारण आज मंडी धान खरीद का कार्य बंद है। उन्होंने बताया कि अगले दस-पंद्रह दिनों में करीब साढ़े चार लाख क्विंटल धान की और आवक की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि धान की खरीद प्रक्रिया में 21 मिलर्स भी शामिल है। सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य 2461 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीद की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिला की मंडियों में धान खरीद का कार्य सुचारू ढंग से जारी है। घरौंडा में उठान संबंधी दिक्कत को एक-दो दिन में दूर कर दिया जाएगा।
बाद में उन्होंने उपायुक्त व अन्य अधिकारियों के साथ मंडी का दौरा किया। इस अवसर पर मंडी प्रधान सुरेंद्र ने श्री रजनीकांथन से धान की खरीद पर प्रति एकड़ 25.25 क्विंटल की सीमा को बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि कैपिंग के कारण बड़ी संख्या में किसान पूरा धान नहीं बेच पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पटवारी व नंबरदार से तसदीक कराने के बाद बाकी बचे धान की खरीद के लिए उचित व्यवस्था की जाए। इस पर वित्तायुक्त ने उपायुक्त से कहा कि वे इस बारे में सरकार को पत्र लिखें। मंडी प्रधान ने उपायुक्त को पानी निकासी की समस्या से भी अवगत कराया। उन्होंने बताया कि मंडी परिसर में सीवरेज के पानी के लिए दस इंच के पाइप डाल रखे हैं लेकिन बाहर उन्हें छह इंच के पाइपों से जोड़ रखा है जिसके कारण बरसात के समय मंडी में पानी भरने से फसल खराब हो जाती है। इस पर उपायुक्त ने मंडी बोर्ड के इंजीनियरिंग शाखा के अधिकारियों के साथ बैठक कर जल्द समस्या के समाधान का आश्वासन दिया।
बैठक में उपायुक्त डा. आनंद कुमार शर्मा, मार्केट कमेटी सचिव विकास गुप्ता, खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक जतिन मित्तल, इंस्पेक्टर विवेक, सब-इंस्पेक्टर तरसेम शर्मा हैफेड के डीएम सुरेश कुमार, मैनेजर मनीष ठेकेदार अशोक खुराना आदि मौजूद रहे।
