राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह के तहत साइबर थाना करनाल की टीम ने कॉलेज विद्यार्थियों को अकाउंट टेकओवर, टू-स्टेप वेरिफिकेशन और सोशल मीडिया अकाउंट की सुरक्षा के प्रति किया जागरूक।

करनाल, दिनांक 23 अक्टूबर 2026।

पुलिस अधीक्षक करनाल श्री करन गोयल, आईपीएस के कुशल मार्गदर्शन एवं दिशा-निर्देशन में जिला पुलिस करनाल द्वारा अक्टूबर माह को राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह के रूप में मनाया जा रहा है। इसके तहत जिलेभर में विभिन्न स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर आम नागरिकों, विद्यार्थियों, व्यापारियों एवं कर्मचारियों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

इसी कड़ी में आज श्री पंडित चिरंजी लाल शर्मा गवर्नमेंट पीजी कॉलेज, करनाल में साइबर थाना करनाल की टीम द्वारा कॉलेज के विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों तथा उनसे बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। यह जागरूकता कार्यक्रम साइबर थाना करनाल के प्रबंधक निरीक्षक सतीश कुमार के नेतृत्व में सहायक उप निरीक्षक कृष्ण कुमार, सहायक उप निरीक्षक रामफूल एवं उनकी टीम द्वारा आयोजित किया गया।

व्हाट्सऐप हैकिंग और अकाउंट टेकओवर के प्रति किया जागरूक

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को व्हाट्सऐप हैकिंग और अकाउंट टेकओवर जैसे साइबर अपराधों के बारे में विस्तार से बताया गया। उन्हें समझाया गया कि साइबर अपराधी ओटीपी या डिवाइस लिंकिंग कोड हासिल करके किसी व्यक्ति के व्हाट्सऐप अथवा अन्य सोशल मीडिया अकाउंट पर नियंत्रण पाने का प्रयास करते हैं। इसके बाद वे संबंधित व्यक्ति के नाम से उसके परिचितों को संदेश भेजकर पैसे मांग सकते हैं या निजी जानकारी का दुरुपयोग कर सकते हैं।

विद्यार्थियों को बताया गया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर व्हाट्सऐप अकाउंट को किसी अन्य डिवाइस से लिंक न करें और न ही अपना ओटीपी या लॉगिन कोड किसी के साथ साझा करें। विशेष रूप से ध्यान रखें कि पैसे प्राप्त करने के लिए किसी को ओटीपी या व्हाट्सऐप डिवाइस लिंकिंग कोड बताने की आवश्यकता नहीं होती।

अकाउंट की सुरक्षा के लिए अपनाएं ये उपाय

करनाल पुलिस की साइबर टीम ने विद्यार्थियों को अपने सोशल मीडिया अकाउंट सुरक्षित रखने के लिए निम्नलिखित सावधानियां अपनाने की सलाह दी:-

व्हाट्सऐप में टू-स्टेप वेरिफिकेशन चालू रखें और मजबूत पिन का इस्तेमाल करें।

व्हाट्सऐप के Linked Devices विकल्प में नियमित रूप से जांच करें कि कोई अनजान डिवाइस अकाउंट से जुड़ा तो नहीं है।

ओटीपी, लॉगिन कोड और डिवाइस लिंकिंग कोड किसी के साथ साझा न करें।

किसी अनजान लिंक पर क्लिक करने या संदिग्ध संदेशों का जवाब देने से बचें।

अकाउंट पर संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत सुरक्षा संबंधी कदम उठाएं और अकाउंट रिकवरी की प्रक्रिया अपनाएं।

सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से पैसे मांगने वाले परिचित की पहचान और अनुरोध की पुष्टि फोन करके अवश्य करें।

इस अवसर पर कॉलेज की प्रिंसिपल श्रीमती रेखा त्यागी एवं उपस्थित स्टाफ ने साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए करनाल पुलिस द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की तथा कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के लिए पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया।

करनाल पुलिस की आमजन से अपील

करनाल पुलिस आमजन से अपील करती है कि साइबर अपराधों से बचने के लिए सतर्क रहें और अपनी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। यदि कोई व्यक्ति व्हाट्सऐप या सोशल मीडिया अकाउंट हैक होने अथवा किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाएं। समय पर शिकायत करने से ठगी गई राशि को रोकने की संभावना बढ़ सकती है।सतर्क रहें, जागरूक रहें और अपनी डिजिटल पहचान को सुरक्षित रखें।